दहेज में 5वें इंडस्ट्रियल एक्सपो का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ
- Nov 13, 2025
- Updated 06:20:32am IST
12 नवंबर को दहेज में 3 दिवसीय इंडस्ट्रियल एक्सपो का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ।
दहेज इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि दहेज PCPIR (Petroleum, Chemicals and Petrochemicals Investment Region) में देश के लगभग सभी प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों की यूनिटें कार्यरत हैं — जिनमें अदाणी, अंबानी का रिलायंस, टाटा, बिरला जैसे समूह शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ और अमेरिका की कई मल्टीनैशनल कंपनियों (MNCs) की यूनिटें भी दहेज में स्थापित हैं।
यह दहेज का पाँचवाँ इंडस्ट्रियल एक्सपो है। इस बार के एक्सपो में विश्व-स्तरीय लग्ज़री ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी अपने स्टॉल बुक किए हैं, जो इस आयोजन की भव्यता और दहेज के औद्योगिक विकास की पहचान को प्रदर्शित करता है। डॉ. भट्ट ने बताया कि पिछले एक्सपो के दौरान उन्होंने कहा था कि आने वाले वर्षों में दुनिया की महंगी लग्ज़री कार कंपनियाँ भी भाग लेंगी — और पाँचवें एक्सपो में यह बात हकीकत बन गई है।
उन्होंने कहा कि गुजरात में साणंद और दहेज — इन दो एस्टेट्स को स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट के रूप में चयनित किया गया है। वर्तमान में साणंद आगे है, लेकिन दहेज का आकार साणंद से दस गुना बड़ा है। दहेज ने अब अपनी मज़बूत शुरुआत कर ली है और आने वाले समय में यह और लंबी छलांग लगाएगा। साणंद एक इंजीनियरिंग एस्टेट है जबकि दहेज केमिकल और पेट्रोकेमिकल एस्टेट है, जिसे पर्यावरण संरक्षण के साथ आगे बढ़ना होगा। क्युकी यह समुद्र तट के पास स्थित है, इसलिए यहाँ कॉरोजन (जंग लगने) की चुनौती है। एस्टेट के भीतर हर लाइन नेटवर्क (पाइपलाइन और यूटिलिटी मैपिंग) को चिन्हित किया गया है ताकि सभी औद्योगिक लाइनों की सटीक जानकारी रहे।
उन्होंने बताया कि दहेज एस्टेट में 160 किलोमीटर के आंतरिक सड़क नेटवर्क में से पिछले पाँच वर्षों में 70 किलोमीटर सड़कों को RCC (रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) में परिवर्तित किया गया है। यह कार्य निरंतर जारी है। एस्टेट में 160 किलोमीटर की वॉटर पाइपलाइन और 150 किलोमीटर की ड्रेनेज लाइन है — जो पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
वर्तमान में DPMC (Disaster Prevention Management Centre) का भवन निर्माणाधीन है। इसके अलावा दहेज-II क्षेत्र के लिए दूसरे फायर स्टेशन की माँग की गई है। दहेज PCPIR में दहेज 1, 2, 3 और SEZ 1, 2 — इस प्रकार कुल पाँच सेक्टर हैं, जिनके लिए और सुविधाओं की आवश्यकता है।
स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज़ (SSI) के लिए एक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) तैयार किया जा रहा है, जो 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। इससे छोटी कंपनियों को GPCB (गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) के मानकों का पालन करने में आसानी होगी।
भरूच से दहेज के बीच सड़क निर्माण कार्य जारी है। डॉ. भट्ट ने इसके लिए विधायक और सांसद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरूच-दहेज रेल कनेक्टिविटी की माँग पर भी जोर दिया, ताकि लोगों को ट्रांसपोर्टेशन में सुविधा मिले। राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में इस रोड पर ट्रैफिक लोड अत्यधिक बढ़ेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि देश के शीर्ष 10 निर्यात करने वाले जिलों में से 5 गुजरात के हैं — जिनमें भरूच जिला भी शामिल है। भरूच का वार्षिक निर्यात मूल्य ₹69,000 करोड़ है और यहाँ 2 लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें से 1 लाख लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। उन्होंने कहा कि भरूच जिले को एक आधुनिक बंदरगाह की आवश्यकता है, जिसमें मुंबई के नए पोर्ट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हों — जिससे रोड पर बढ़ते ट्रैफिक का बोझ कम हो सके।
सांसद मनसुख वसावा ने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य भारत को अमेरिका और चीन की पंक्ति में खड़ा करना था, जिसे उन्होंने सिद्ध कर दिखाया है। उन्होंने उद्योगपतियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की अपील की और सरकार द्वारा उद्योगों को अधिकतम सहायता प्रदान किए जाने का उल्लेख किया।
भरूच के विधायक रमेश मिस्त्री ने भाडभूत परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी दी और बताया कि कल्पसर योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। भाडभूत योजना के बाद नहर से पानी की आपूर्ति होगी, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि भाडभूत बैरेज से नर्मदा मइया ब्रिज तक भरूच की ओर 9 मीटर चौड़ी सड़क और अंकलेश्वर की ओर 18 मीटर चौड़ी सड़क बन रही है। इससे दहेज इंडस्ट्रियल एरिया की पानी की समस्या दूर होगी।
उन्होंने बताया कि DIA द्वारा भरूच-दहेज रेलवे लाइन की माँग के संबंध में, भारत सरकार और गुजरात सरकार के बीच हुए MOU के अनुसार, अब राज्य सरकार स्वयं परियोजना की डिज़ाइन तैयार कर, रेलवे विभाग से तकनीकी स्वीकृति लेकर, अपना बजट आवंटित करके प्रोजेक्ट कार्यान्वित कर सकती है।
अजयसिंह राणा ने बताया कि ₹800 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क में 15 किलोमीटर हिस्सा RCC रोड के रूप में बनाया जाएगा — जहाँ गड्ढे बनने की संभावना अधिक होती है, जबकि बाकी हिस्सा डामर (Asphalt) का रहेगा। उन्होंने उद्योगों से स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि यदि कोई कर्मचारी अनुशासनहीनता या मनमानी करता है, तो उसकी सूचना दें — ऐसी स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
DIA के जनरल सेक्रेटरी बलदेव आहीर ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया। उद्घाटन समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में —सांसद मनसुखभाई वसावा, विधायक रमेशभाई मिस्त्री, अजयसिंह राणा (वागरा के विधायक अरुणसिंह राणा के सुपुत्र), धर्मेशभाई मिस्त्री (जिला पंचायत के कार्यकारी चेयरमैन),
संजयसिंह चावड़ा, डॉ. सुनील भट्ट (प्रेसिडेंट, DIA), बलदेव आहीर (जनरल सेक्रेटरी, DIA), दीपक पटेल (कोषाध्यक्ष), महेंद्रसिंह राणा (प्रेसिडेंट, लघु उद्योग भारती, दहेज), डॉ. जे.जे. राजपूत (उपाध्यक्ष), निर्मल शाह, दिलीप डोन्डा, परेश गुजर, धर्मेश पटेल, तथा रघुनंदन भदोरिया (Ads Pages Pvt. Ltd.)
शामिल थे।
यह आयोजन दहेज की औद्योगिक प्रगति, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, और गुजरात के उद्योग जगत की मजबूती का प्रतीक बना।