गुजरात सरकार की औद्योगिक नीति 2015 के अंतर्गत संचालित "इंसेंटिव टू इंडस्ट्रीज" योजना के तहत राज्य में 15 नए मेगा प्रोजेक्ट्स को अंतिम पात्रता प्रमाणपत्र (Final Eligibility Certificate) प्रदान किए गए हैं।
इन अनुमोदित यूनिट के माध्यम से राज्य में कुल 1,086.86 करोड़ का निवेश आने की संभावना है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 3,697 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
जिलावार निवेश विवरण इस प्रकार है: अहमदाबाद: ऑटोमोबाइल और प्लास्टिक सेक्टर में 459.54 करोड़, पंचमहल : ऑटोमोबाइल सेक्टर में 46.33 करोड़, पाटण: प्लास्टिक उद्योग में 56.97 करोड़, महेसाणा: ऑटो इंडस्ट्री सेक्टर में 46.33 करोड़, मोरबी: सिरेमिक सेक्टर में ₹62.51 करोड़, वडोदरा: ऑटो और मेटल इंडस्ट्री सेक्टर में 224.03 करोड़ इन सभी औद्योगिक परियोजनाओं को योजना के अनुसार नेट SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) की सहायता प्रदान की जाएगी, जो कि निवेशकों को कर में रियायत के रूप में प्रोत्साहन देती है।

यह निर्णय उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें फाइनल एलिजिबिलिटी प्रमाणपत्र देने हेतु गठित समिति ने इन 15 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की।
अब तक गुजरात राज्य में कुल 1.48 लाख करोड़ के पूंजी निवेश वाले उद्योगों को इस योजना के तहत फाइनल एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जैसे: राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि, पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कुमार, आर्थिक मामलों की सचिव आरती कंवर, उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
यह निर्णय गुजरात में उद्योगों को प्रोत्साहित कर औद्योगिक विकास को गति देने, रोजगार सृजन बढ़ाने तथा क्षेत्रीय निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।