झगडीया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की वर्ष 2024-25 की वार्षिक सामान्य सभा दिनांक 19 जून को झगडीया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यालय भवन के सभागार में आयोजित की गई। जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर नई ऑफिस बेरर की घोषणा की गई।
झगडीया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंजवानी ने अपने वक्तव्य में बताया कि झगडीया एस्टेट में जल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए एक नया प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। वर्तमान में पाइपलाइन की क्षमता 77 MLD है, परंतु पाइपलाइन पुरानी होने के कारण पूरा प्रेशर नहीं मिल पाता। जिससे वह घटकर 60 MLD रह गई है। इसीलिए अब इस क्षमता को 120 MLD तक बढ़ाने की योजना है। इस परियोजना का अनुमानित खर्च ₹300 करोड़ है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट जितना जल्दी शुरू होगा, उतना ही फायदेमंद रहेगा। क्योंकि लागत निरंतर बढ़ती जा रही है, और सरकार से ज्यादा सब्सिडी की उम्मीद नहीं है। उन्होंने उद्योगपतियों से इस प्रोजेक्ट को स्वीकार कर सहयोग करने की अपील की।यह भी जानकारी दी गई कि रूढ़ के पंपिंग स्टेशन का नवीनीकरण किया जा चुका है।

एस्टेट में एक नई अस्पताल बनाने की योजना है। जिसके लिए GIDC से प्लॉट भी आबंटन किया गया है। अनुमानित खर्च ₹25 करोड़ है। उन्होंने कंपनियों से सहयोग की अपील की, ताकि आकस्मिक दुर्घटनाओं की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके। कुछ कंपनियां सहयोग के लिए आगे आई हैं और अन्य को भी आगे आने का आग्रह किया गया है।
जेआईए कार्यालय के पास ही डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर हेतु प्लॉट आवंटित हुआ है। यह प्रोजेक्ट मंजूर हो चुका है और शीघ्र ही 48 करोड़ की सब्सिडी स्वीकृत हो जाएगी। इसमें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गत बर्ष एस्टेट के रोड की हालत बहुत ही ख़राब थी। सरकार में बार बार प्रस्तृति करके नए रोड बनाए गए है। सभी मुख्य व आंतरिक सड़कें नई बन चुकी हैं। उन्होंने 1995 की स्थिति से तुलना करते हुए बताया कि उस समय रोड, पानी और बिजली की भारी कमी थी। आज एस्टेट पूरी तरह इन्फ्रास्ट्रक्चर से युक्त है।
झगडीया एस्टेट के पास GIDC एक आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बना रहा है। जिस पर एसोसिएशन से सुझाव मांगे गए हैं। अध्यक्ष अशोक पंजवानी ने इसका समर्थन करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों और श्रमिकों को लाभ मिलेगा और धीरे-धीरे पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा।
नर्मदा क्लीनटेक के सीईओ उमेशभाई चौहान ने बताया कि NCT का प्रोजेक्ट पूरी तरह से कार्यरत हो गया है। कंटियाजाल जानेवाली पाइपलाइन पूरानी होनेकी वजह से उसमे बार बार रिसावके प्रश्न आते थे। अब 15 किमी लंबी नई मेटलिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जिसका 65% कार्य पूर्ण हो चुका है। बाकि काम मानसून के बाद पूर्ण किया जायेगा।
CSR कमिटी चेयरमैन नरेंद्र भट्ट ने एसोसिएशन द्वारा किए गए CSR कार्योकी जानकारी दी। साथमे मोबाईल एजुकेशन वैन और मेडिकल वैन की जानकारी दी। उन्होंने कंपनियों से CSR डिटेल एसोसिएशन को देने की अपील की, जिससे कार्यों में डुप्लिकेशन न हो।
सेक्रेटरी सुनील शारदा ने DPMC के नए प्रोजेक्ट की जानकारी दी। बी.एम. पटेल ने जल प्रोजेक्ट और राजेश नाहटा ने वार्षिक हिसाब पेश किया।
TDS लिमिट की बात करते हुए बताया गया कि झगड़िया में कोई TDS लिमिट नहीं है, जबकि अंकलेश्वर में 10,000 और वापी में 3,000 TDS की सीमा है। नरेंद्र भट्ट ने बताया कि एस्टेट में ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए परिवहन विभाग से बात की गई है और दो बसों की अनुमति मिल चुकी है, शेड्यूल और रूट एसोसिएशन द्वारा तय किए जाएंगे।
नई ऑफिस बियरर टीम: अध्यक्ष: अशोक पंजवानी, उपाध्यक्ष: राजेश नाहटा, सचिव: सुनील शारदा, कोषाध्यक्ष: बी.एम. पटेल, संयुक्त सचिव: एच.बी. पटेल नई कार्यकारिणी के सदस्य: आरती इंडस्ट्रीज से पूरण सिंह बिस्त, कोहलर से विपीन कुमार, मेट्रो सैना से मनोज मिश्रा, ग्रीन लीफ पिगमेंट्स से हर्ष वसोया, हीर केमिकल से चिराग पटेल और को-ऑप्टेड सदस्य नरेंद्र भट्ट शामिल है।